UPSC IPS Success Story Vinod Kumar Meena UPSC Success Story Ann


UPSC IPS Success Story: अगर आप में कुछ कर दिखाने का जज्बा है, तो आप कुछ भी कर सकते हैं. आज हम बात करेंगे आईपीएस अधिकारी विनोद कुमार मीणा (IPS Vinod Kumar Meena) की. जिन्हें यूपीएससी की परीक्षा में कई बार असफलता का सामना करना पड़ा. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने सपनों को पंख दिए.

गुजरात (Gujarat) के रहने वाले विनोद कुमार मीणा की प्रारंभिक पढ़ाई सूरत में हुई. इसके बाद वह हरियाणा के कुरुक्षेत्र (Kurukshetra) से बीटेक की पढ़ाई करने चले गए. दो बड़े भाइयों ने इंजीनियरिंग करते हुए अपने जीवन में सफलता अर्जित की थी. एक भाई रेलवे में सेवाएं दे रहे हैं जबकि दूसरे भाई भी शासकीय सेवा में है. आईपीएस विनोद कुमार मीणा बताते हैं कि परिवार की ओर से पढ़ाई को लेकर कभी कोई दबाव नहीं रहा. ओएनजीसी में पदस्थ पिता जरूर पढ़ाई को लेकर गंभीर रहते थे लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों की ओर से कभी भी दबाव नहीं बनाया गया. बावजूद इसके आईपीएस विनोद कुमार मीणा ने पूरी लगन के साथ अपनी प्रारंभिक पढ़ाई करने के बाद हरियाणा से बीटेक किया.

ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने सिविल सर्विस में जाने का मन बनाया. इसके बाद वे सिविल सर्विसेज (UPSC) की पढ़ाई करने के लिए दिल्ली चले गए. साल 2015 और 2016 में लगातार दो बार असफलता मिली, जिसके बाद थोड़ा मनोबल जरूर टूटा लेकिन इसके बावजूद आईपीएस विनोद कुमार मीणा ने हिम्मत नहीं हारी और तीसरी बार पूरी ताकत के साथ सफलता अर्जित करने की कोशिश की और वे कामयाब हो गए. वे बताते हैं कि दो बार असफलता के बाद उन्होंने बैंक की नौकरी करने का मन बना लिया था. वे बैंक में ज्वाइन करने जा रहे थे, इसी बीच यूपीएससी का परिणाम आ गया. इस परिणाम में जब उन्हें सफलता मिली तो सब कुछ बदल गया.

परिवार खुशी से झूम उठा
जब दो बार असफलता हाथ लगी तो वे दूसरी नौकरियों की ओर आकर्षित होने लगे. इसी बीच बैंक से अधिकारी के पद पर नौकरी का ऑफर आया तो पूरा परिवार खुशी से झूम उठा. जब बैंक की नौकरी ज्वाइन करने की तैयारी चल रही थी उसी समय यूपीएससी का परिणाम आ गया. यूपीएससी के परिणाम में सब कुछ बदल कर रख दिया.

कभी समय देख कर पढ़ाई नहीं की
आईपीएस विनोद कुमार मीणा ने बताया कि वे मूल रूप से राजस्थान के कांकरोली के रहने वाले हैं लेकिन उनका पूरा परिवार गुजरात के अहमदाबाद में रहता है. उन्होंने बताया कि पढ़ाई करते समय कभी उन्होंने समय नहीं देखा. उन्होंने कहा कि जब भी आत्मविश्वास और ईमानदारी से पढ़ाई की जाती है तो निश्चित रूप से सफलता मिलती है. उन्होंने बताया कि वह बैडमिंटन के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं. शुरुआती दौर में घूमना फिरना और खेलना ही पसंद था. जब ग्रेजुएशन की इसके बाद फिर सिविल सर्विसेज का पूरा मन बन गया.

जो सिलेक्ट हुए उन्हें देखकर की कमी दूर
उन्होंने यह भी कहा कि जब दो बार उन्हें सफलता नहीं मिली तो उन्होंने उन लोगों से सीखा, जिनका सिलेक्शन हो चुका था. उनके साथ तैयारी करने वाले कुछ लोगों का सिलेक्शन सिविल सर्विस में हो गया था. उन्हें देखकर अपनी कमियों को दूर किया. इसके बाद सफलता मिली. आईपीएस विनोद कुमार मीणा ने बताया कि सिविल सर्विसेस में आना बेहद आसान नहीं है लेकिन इतना भी कठिन नहीं है कि सफलता की सीढ़ी नहीं चढ़ी जा सके.

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