क्या है लिम्फोसाइट ? (lymphocyte). What is lymphocytes meaning in hindi.

lymphocytes meaning in hindi
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आज का हमारा विषय काफी रोचक है क्योंकि आज के इस पोस्ट में हम आपको लिंफोसाइट् lymphocytes meaning in hindi के बारे में संपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं और साथ ही साथ आपको lymphocyte से जुड़े कुछ अन्य जानकारी भी देंगे जैसे कि :-

  • लिंफोसाइट्स क्या है, What is lymphocytes ?
  • लिंफोसाइट्स कैसे काम करते हैं, How do lymphocytes work ?
  • शरीर में लिंफोसाइट्स बढ़ने के कारण, Cause of increase in lymphocytes in the body
  • शरीर में लिंफोसाइट्स घटने के कारण, Cause of decrease in lymphocytes in the body
  • लिंफोसाइट्स को कैसे बढ़ाएं, How to increase lymphocytes

लिंफोसाइट्स क्या है और lymphocytes meaning in hindi एक ऐसा टॉपिक है जिसे इंटरनेट में काफी ज्यादा सर्च किया जाता है लोग काफी ज्यादा इच्छुक होते हैं लिंफोसाइट्स के बारे में जानने में.

अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो lymphocytes के बारे में संपूर्ण जानकारी जानना चाहते हैं तो हमारा आग्रह है कि इस पोस्ट को पूरा पढ़ें ताकि लिंफोसाइट्स को लेकर आपके मन में कोई भी शंका ना रहे और आप यह समझ सके कि हमारे शरीर में लिंफोसाइट्स का क्या महत्व है.

तो चलिए बिना समय बर्बाद किए जान लेते हैं कि आखिर लिंफोसाइट्स होता क्या है (What islymphocytes) और और यह कैसे काम करती है.

क्या है लिंफोसाइट्स, What is lymphocytes meaning in hindi ?

lymphocytes meaning in hindi
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lymphocytes meaning in hindi – तो आइए सबसे पहले जान लेते हैं कि आखिर लिंफोसाइट्स क्या है, अगर सरल हिंदी भाषा में lymphocytes को समझने की कोशिश करें तो लिंफोसाइट्स हमारे शरीर के अंदर मौजूद एक रोगप्रतिरोधक शक्ति के रूप में काम करती है जिसका मुख्य उद्देश्य होता है कि हमारे शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद करना।

जैसा कि आप सब लोग जानते ही होंगे कि आज के इस आधुनिक और भागदौड़ भरे युग में जनसंख्या के साथ-साथ पर्यावरण में पोलूशन भी काफी बढ़ता जा रहा है जिसके वजह से आए दिन नए-नए रोग हम पर हमला करते हैं।

जब भी हमारे शरीर में किसी भी प्रकार का वायरस, फंगल या बैक्टीरिया का इंफेक्शन होता है जिसकी वजह से हमारे शरीर बीमार होने लगता है तब हमारे शरीर में मौजूद प्राकृतिक वाइट ब्लड सेल्स (White blood cells) उस बीमारी, बैक्टीरिया या वायरस से लड़ने में हमारे शरीर की मदद करते हैं जिसकी वजह से उस बैक्टीरिया या वायरस का अटैक का असर कम होने लगता है और हमारा शरीर धीरे-धीरे स्वस्थ होने लगता है।

लिंफोसाइट्स कैसे काम करती है, How do lymphocytes work ?

lymphocytes meaning in hindi
How do lymphocytes work ?

जैसा कि मैंने कहा कि जब भी हमारा शरीर किसी बाहरी वायरस या बैक्टीरिया इंफेक्शन की चपेट में आता है तो हमारे शरीर में मौजूद वाइट ब्लड सेल्स उस बीमारी से लड़ने के लिए हमारे शरीर को मदद करती हैं.

पर अक्सर हमारे शरीर में मौजूद श्वेत रक्त कोशिकाएं उस वायरस या बैक्टीरिया को या तो समझ नहीं पाती या उससे लड़ने में असफल रहती है और ऐसे में हमारा शरीर और ज्यादा बीमार होने लगता है उस स्थिति में हमारे शरीर में मौजूद लिंफोसाइट्स (lymphocytes) उस वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करने में काफी अहम किरदार निभाती है।

शायद आप ना जानते हो पर लिंफोसाइट्स का काफी अहम रोल होता है हमारे शरीर को बीमारियों और अन बैक्टीरिया से होने वाले हानिकारक नुकसान से बचाने का।

अगर हमारे शरीर में लिंफोसाइट्स की मात्रा ठीक-ठाक है तो हमारे शरीर को किसी भी प्रकार के वायरस और बैक्टीरिया के अटैक का असर नहीं होगा और हम स्वस्थ और निरोगी रहते हैं।

पर जैसे हर सिक्के के 2 पहलू होते हैं वैसे ही लिंफोसाइट्स के अगर कुछ फायदे हैं तो दूसरी तरफ उसके कुछ नुकसान भी हैं। आपके शरीर को लिंफोसाइट्स तभी संपूर्ण रूप से बीमारियों से मुक्त रख पाएगा जब वह आपके शरीर में एक तय मात्रा में ही हो.

अगर लिंफोसाइट्स आपके शरीर में निश्चित मात्रा से ज्यादा है तो भी आपके शरीर को काफी नुकसान पहुंचता है और अगर lymphocytes की मात्रा आपके शरीर में कम है तो भी इसके काफी नुकसान हैं।

हमारे शरीर में लिंफोसाइट्स की मात्रा कितनी होनी चाहिए, How many lymphocyte should be in our body ?

अब तक तो आप समझ गए होंगे कि लिंफोसाइट्स क्या है और what is lymphocytes meaning in hindi और हमारे शरीर में इसका क्या काम है, चलिए अब अब आगे जान लेते हैं कि हमारे शरीर में लिंफोसाइट्स की मात्रा कितनी होनी चाहिए जिससे कि हमारे शरीर को कोई नुकसान भी ना हो और हम हर प्रकार की बीमारियां या किसी भी बैक्टीरिया या फंगस के अटेक से बचे रहें.

सामान्य स्थिति में हर किसी के शरीर में lymphocytes की मात्रा 30% से 40% के बीच होनी चाहिए.

वयस्कों के लिए, सामान्य lymphocytes की गिनती 1,000 और 4,800 लिम्फोसाइट्स प्रति माइक्रोलीटर रक्त के बीच होती है। बच्चों के लिए, यह प्रति माइक्रोलीटर रक्त में 3,000 और 9,500 लिम्फोसाइटों के बीच है।

अगर आप एक स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं तो आपके शरीर में लिंफोसाइट्स की मात्रा कभी भी 20% से नीचे नहीं होनी चाहिए। अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके शरीर में लिंफोसाइट्स की मात्रा कितनी है तो इसके लिए आपको अपने नजदीकी अस्पताल में जाकर इसकी जांच करानी होगी। मेरे ख्याल से आज के इस पोलूशन भरी जिंदगी में हर किसी को यह जानना जरूरी है कि उसके शरीर में लिंफोसाइट्स की मात्रा कितनी है ताकि उनका शरीर बीमारियों से बचा रहे और वे एक स्वस्थ जीवन जी सकें।

शरीर में लिंफोसाइट्स बढ़ने से क्या होता है, What happens when lymphocytes increase in the body.

जब भी हमारे शरीर के ऊपर किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया या फंगस का अटेक होता है जिसकी वजह से हमारा शरीर बीमार होने लगता है तो ऐसी स्थिति में हमारे शरीर में लिंफोसाइट्स की मात्रा बढ़ने लगती है और उसी के साथ साथ हमारे शरीर में मौजूद वाइट ब्लड सेल्स की कोशिकाओं की भी मात्रा भी बढ़ने लगती है, पर अगर इन दोनों की मात्रा शरीर में अधिक मात्रा में हुई तो इस लक्षण को हम लिंफोसाइटोसिस (lymphocytosis) कहते हैं.

शरीर में लिंफोसाइट्स बढ़ने के कारण, causes for increase in lymphocytes in the body.

सबसे पहले जान लेते हैं कि किन परिस्थितियों में हमारे शरीर में lymphocytes की मात्रा बढ़ने लगती है।

  1. ट्यूबरक्लोसिस – अगर किसी भी व्यक्ति को ट्यूबरक्लोसिस यानी टीबी हो जाता है ऐसी स्थिति में भी उसके शरीर में लिंफोसाइट इसकी मात्रा बढ़ने लगती है.
  2. किसी भी प्रकार के वायरल इनफेक्शन यानी कि सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार आदि के चपेट में आने से भी शरीर में लिंफोसाइट्स की मात्रा बढ़ने लगती है.
  3. शरीर में पोषण की कमी.

लिंफोसाइटोसिस के लक्षण, Symptoms of Lymphocytosis

जब भी हमारा शरीर किसी बीमारी के चपेट में आता है तो ऐसी स्थिति में हमारे शरीर में lymphocytes की मात्रा बढ़ाना एक सामान्य बात है, प्रायः यह देखा गया है कि किसी भी बीमारी से लड़ने के लिए शरीर लिंफोसाइट्स की मात्रा कुछ समय के लिए शरीर में बढ़ा देता है.

पर अगर सामान्य स्थिति में भी बिना किसी बीमारी पर भी आपके शरीर में अगर lymphocytes की मात्रा ज्यादा है तो ऐसी स्थिति को हम लिंफोसाइटोसिस कहते हैं. आइए जान लेते हैं कि लिंफोसाइटोसिस के क्या लक्षण होते हैं -:

  • थकान महसूस करना.
  • शरीर में कमजोरी आना.
  • शरीर का वजन तेजी से घटना.
  • ठंड लगना.
  • बार बार बुखार आना.
  • रात को सोते समय ज्यादा पसीना आना.
  • पेट में दर्द होना.

लिंफोसाइट्स कम करने के उपाय, ways to reduce lymphocyte.

अगर आप अपना ब्लड टेस्ट किसी अस्पताल में कराते हैं और आपके रिपोर्ट में lymphocytes की मात्रा कम या ज्यादा होती है तो ऐसी स्थिति में आप सोचते हैं कि आप अपने लिंफोसाइट्स की मात्रा को शरीर में कैसे बैलेंस करें.

आप यह भी सोचते हैं कि आप क्या ऐसा खाएं और कितनी मात्रा में खाएं कि आपके शरीर का लिंफोसाइट समान मात्रा में आ जाए। पर हमारी सलाह आपको यही होगी कि लिंफोसाइट जैसे गंभीर मामले में आप किसी भी प्रकार के घरेलू नुस्खे पर विश्वास ना करें और जितनी जल्दी हो सके अपने फैमिली डॉक्टर या पास के किसी अस्पताल में जाकर आप डॉक्टर से सलाह मशवरा करें क्योंकि लिंफोसाइट्स का शरीर में बढ़ना और कम होने के कई कारण होते हैं जिन का पता लगाना आम आदमी के लिए मुश्किल होता है।

शरीर में लिंफोसाइट्स कम होने से क्या होता है ?

जैसा कि मैंने पहले ही कहा हमारे शरीर में लिंफोसाइट्स की मात्रा 30% से 40% के बीच होनी चाहिए जिससे कि हमारे शरीर स्वस्थ रह सकें.

पर अगर किसी के शरीर में lymphocytes की मात्रा 20% से भी कम है तो उसके शरीर को काफी अधिक नुकसान होता है और उसके शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर पड़ जाती है जिसकी वजह से वह बार बार बीमार पड़ने लगता है शरीर में कमजोरी आने लगती है। अगर किसी के शरीर में लिंफोसाइट्स की मात्रा भी 20% से भी कम है तो उसका शरीर बीमारियों से लड़ने में असफल हो जाता है वह और वह आए दिन बीमार होने लगता है।

शरीर में लिंफोसाइट्स के कम होने के कारण ?

आइए सबसे पहले यह जान लेते हैं कि वह कौन से ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से किसी की भी शरीर में से लिंफोसाइट्स की मात्रा 20% से भी कम हो जाती है जिसकी वजह से उनका शरीर बीमार होने लगता है :-

पोषण की कमी, under nutrition – शरीर में lymphocytes की मात्रा का कम होने का सबसे मुख्य कारण होता है पूरे शरीर में पोषण की कमी अगर किसी व्यक्ति का खानपान सही नहीं है और उसके शरीर में भरपूर मात्रा में पोषण नहीं जा रहा है तो ऐसी स्थिति में स्वाभाविक है कि उसके शरीर में लिंफोसाइट्स की मात्रा कम होने लगती है। इसलिए हमेशा अपने भोजन का खास ध्यान रखें जितना हो सके घर का भोजन खाएं, हरी सब्जियां खाएं और भोजन समय पर करें।

शरीर में लिंफोसाइट्स कम होने के अन्य मुख्य कारण है संक्रामक रोग जैसे कि एड्स, वायरल हेपेटाइटिस, ऑटोइम्यून डिसऑर्डर, स्टेरॉइड थेरेपी, रक्त कैंसर, ल्युपस ,कैंसर के उपचार के लिए कीमोथेरेपी इत्यादि.

एक सर्वे में पाया गया है कि lymphocytes की सबसे कम मात्रा बुजुर्गों में होती है इसलिए बुजुर्गों को ज्यादा से ज्यादा मात्रा में फल और हरी सब्जियां देनी चाहिए.

अगर किसी को अधिक मात्रा में तनाव है या किसी डिप्रेशन का शिकार है तो ऐसी स्थिति में भी शरीर में लिंफोसाइट्स की मात्रा कम होने लगती है.

लिंफोसाइट्स बढ़ाने के उपाय.

अगर आप अपने नजदीकी अस्पताल में अपना ब्लड टेस्ट कर आते हैं जिसमें आपका लिंफोसाइट का लेवल काम है तो ऐसी स्थिति में हमारी सलाह आपसे यही होगी कि आप घरेलू नुस्खे बिल्कुल ना अपनाएं और डॉक्टर की सलाह लेकर ही दवाई और भरपूर पोषण का सेवन करें.

निष्कर्ष, Conclusion

तो दोस्तों आज के इस लेख में हमने जाना lymphocytes meaning in hindi, लिंफोसाइट्स क्या है, लिंफोसाइट कैसे काम करता है, लिंफोसाइट कम होने से क्या नुकसान होता है और अगर लिंफोसाइट शरीर में बढ़ जाए तो इसके भी क्या नुकसान होते हैं.

मुझे पूरी उम्मीद है कि इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपके मन में lymphocytes को लेकर जो भी सवाल होंगे उसके सारे जवाब आपको मिल गए होंगे. पर अगर अगर अब भी आपके मन में कोई सवाल हैं जिनके जवाब आपको इस लेख में नहीं मिले हो तो आप हमें कमेंट करके जरूर पूछ सकते हैं हम आपके हर सवालों का जवाब जल्द से जल्द देंगे.

अगर आपको हमारी एक बहुत अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ शेयर करना ना भूले.

धन्यवाद…

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