Delhi Fake Case Filed By Women, High Court Gave Strange Ruling


Delhi Highcourt: दिल्ली में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है. दिल्ली हाईकोर्ट ने ऐसी सजा दी कि लोग सोचने पर मजबूर हो गए हैं. दरअसल हाईकोर्ट ने दुष्कर्म का फेक केस कराने वाली महिला के साथ-साथ में बेकसूर आदमी को भी सजा दे दी. यह फैसला इतना अनोखा था कि इसको लेकर न्यायालय में भी चर्चा होने लगी है. ऐसा मामले आपने कभी नहीं सुना होगा जहां महिला और पुरुष दोनों को ही सजा सुना दी. न्यायालय ने दोनों को सोशल सर्विस करने का आदेश दिया है. 

दुष्कर्म का झूठा केस लगाने वाली महिला को कोर्ट ने आदेश दिया कि वो कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए रोहिणी के सेक्टर 5 में बने नेत्रहिन स्कूल में हफ्ते के पांच दिन (रोज तीन घंटे) सोशल सर्विस करेगी. हिमांशु गोयल को रोहिणी के होट्रीकल्चर विभाग के निर्देश पर 50 पेड़ लगाने को कहा है. साथ ही मामले की पांच साल तक निगरानी और देखभाल करने को भी कहा है. आप सोच रहे होंगे कि महिला के साथ हिमांशु को भी सजा क्यों मिली? महिला से केस रद्द करवाने के लिए हिमांशु ने उससे पैसे लिए थे. 

पूरा मामला क्या है? 

महिला ने दिल्ली के शाहबाद थाने में 27 अप्रैल को हिमांशु के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था. आरोप लगाते हुए उसने कहा था कि कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर मिला दिया था. लड़की का कहना था कि बेहोशी में हिमांशु ने दुर्व्यवहार किया है.  इसके बाद आरोपी हिमांशु ने हाईकोर्ट में याचिका दर केस रद्द करने की मांग की थी. महिला औऱ आरोपी हिमांशु के बीच हुए समझौते आधार पर जस्टिस जसमीत सिंह की पीठ ने एफआईआर रद्द कर दी है. 

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