West Bengal SSC Scam TMC Demand Time Bound Investigation Against Minister Deny Connection With Arpita Mukherjee


West Bengal SSC Scam: तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को बंगाल के गिरफ्तार मंत्री पार्थ चटर्जी (Partha Chatterjee) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED)मामले में समयबद्ध जांच (Time Bound Investigation)की मांग की और कहा कि अगर हमारे किसी नेता ने कुछ भी गलत किया है तो हमारी पार्टी राजनीतिक रूप से हस्तक्षेप नहीं करेगी. इसके साथ ही टीएमसी (TMC) ने कहा कि जांच प्रक्रियाओं को पूरा करने में देरी स्वीकार्य नहीं. सीबीआई (CBI)साल 2014 से करोड़ों रुपये के सारदा चिटफंड मामले (Saradha Chit Fund Case) की जांच कर रही है, जबकि नारद टेप मामला (Narada Sting Tape Case), जो 2016 के चुनावों से पहले सामने आया था, अभी भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा है.

बीजेपी में होना कानून से ऊपर है

यह आरोप लगाते हुए कि टीएमसी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है, टीमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष (TMC Kunal Ghosh)ने दावा किया कि कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम को नारद स्टिंग टेप मामले (Narada Sting Tape Case) में 2021 में सीबीआई (CBI)ने गिरफ्तार किया था, लेकिन विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, जो इस मामले में एक आरोपी भी है.”क्या इसका मतलब यह है कि बीजेपी में होना कानून से ऊपर है?” उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच कई वर्षों से चल रही है.

अर्पिता मुखर्जी का टीएमसी से कोई लेना-देना नहीं

पत्रकारों से बात करते हुए टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि अर्पिता मुखर्जी से ना पार्टी का ना ही पार्थ चटर्जी का कोई संबंध है, उन्होंने कहा, “पार्टी मामले में समयबद्ध जांच की मांग करती है.” घोष ने कहा, “अगर ईडी अपने आरोपों का कोई सबूत पेश करता है और अदालत इसे स्वीकार करती है, तो टीएमसी और सरकार किसी भी नेता के खिलाफ कदम उठाएगी, चाहे वह कितना भी बड़ा हो.”

कहीं कोई सुबूत नहीं मिला है

कुछ कार्यक्रमों में अर्पिता के चक्कर लगाने वाले कुछ वीडियो का जिक्र करते हुए, जिनमें चटर्जी और अन्य मंत्री भी शामिल थे, जिनकी प्रामाणिकता की जांच नहीं की गई है, प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के कई लोग राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं. उन्होंने मुखर्जी के बारे में कहा, “लेकिन इस महिला का तृणमूल कांग्रेस से कोई लेना-देना नहीं है.”

घोष ने कहा, ‘यह टीएमसी का मामला नहीं है, यह उन लोगों की जिम्मेदारी है जिनके नाम सामने आए हैं या उनके वकील इस मुद्दे पर बात करें, पार्टी का इससे कोई संबंध नहीं है. पार्टी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल टीएमसी के खिलाफ “आक्षेप लगाने के लिए इस मामले को एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं.”

टीएमसी ने कांग्रेस-सीपीआई पर भी लगाया बड़ा आरोप
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता ने माकपा पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि 34 साल के वाम मोर्चे के शासन के दौरान कई अनियमितताएं की गईं, लेकिन किसी के खिलाफ कुछ नहीं मिला. क्योंकि उस वक्त मीडिया या सोशल मीडिया नहीं थे. “आप (सीपीआईएम) कोई पवित्र गाय नहीं थे, ऐसा नहीं हो सकता कि आप टीएमसी पर हमला करेंगे और हम चुपचाप इसे देखते रहेंगे.”

घोष ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड का भी आरोप लगाया, यह दावा करते हुए कि उसने पश्चिम बंगाल में ईडी की सराहना की, और उसी एजेंसी पर हमला किया जब नेताओं राहुल गांधी या सोनिया गांधी से पूछताछ की जाती है.

बता दें कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सीबीआई को राज्य के स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) की सिफारिशों की जांच करने का निर्देश दिया है, जिसके तहत पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कथित रूप से अवैध नियुक्तियां की गई थीं. ईडी इसी मामले में मनी ट्रेल पर नजर रख रही है.

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