Rate Of Disposal Of Cases From CAT In Modi Government Is Higher Than Of UPA Regime Says Jitendra Singh | Modi Government: मोदी सरकार में CAT से मामलों के निपटारे की दर UPA शासन से ज्यादा


Union Minister Jitendra Singh: केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह (Jitendra Singh) ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) नीत केंद्र सरकार (Center) के तहत वर्ष 2015 से 2019 के दौरान केन्द्रीय प्रशासनिक अभिकरण (CAT) ने 91 प्रतिशत से ज्यादा की दर से मामलों का निपटारा किया है. जबकि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के शासन में वर्ष 2010 से 2014 के बीच यह दर करीब 89 प्रतिशत थी. कैट सरकारी कर्मचारियों (Government Employee) की सेवा से जुड़े मामलों का निपटारा करता है.

कार्मिक मामलों के राज्य मंत्री सिंह ने कहा, “केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने पिछले वर्षों में करीब 91 फीसदी की दर से मामलों का निपटारा किया है और मामलों के निपटारे की दर धीरे-धीरे बढ़ रही है.” उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पारदर्शिता और ‘सभी के लिए न्याय’ के लिए प्रतिबद्ध है और पिछले आठ साल में पूरे देश में हुए सुधारों से सभी को लाभ हुआ है.

कार्मिक मंत्रालय ने जारी किया बयान
कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, मंत्री ने कैट के नवनियुक्त अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजीत वसंतराव मोरे के साथ मुलाकात के दौरान उक्त बातें कहीं. केन्द्रीय मंत्री से न्यायमूर्ति मोरे की मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार सभी मामलों के त्वरित निपटारे के संबंध में भी चर्चा हुई.

कोविड के कुप्रभावों के बाद बेहतरीन निपटारा
केंद्रीय मंत्री (Union Minister) ने कहा कि कोविड-19 (COVID-19) के कुप्रभावों के बावजूद कैट (CAT) की पीठों ने ऑनलाइन (Online) मामलों की सुनवाई कर उनका निपटारा करने का सर्वोत्तम प्रयास किया है. बयान के अनुसार, महामारी (Pendamic) के दौरान 2020 और 2021 में कुल 55,567 मामले कैट के समक्ष आए. तमाम दिक्कतों के बावजूद 54 फीसदी की दर मामलों का निपटारा करते हुए, करीब 30,011 मामलों का निपटारा किया गया.

यह भी पढ़ेंः 
Patra Chawl Scam: ‘आप उसे हरा नहीं सकते, जो कभी हार नहीं मानता’, ED की हिरासत में लिए जाने के बाद संजय राउत का पहला रिएक्शन

Constitutional Republic: देश तभी आगे बढ़ेगा, जब नागरिकों को संविधान की परिकल्पना के बारे में पता होगा- CJI



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published.