Ram Gopal Yadav’s Meeting With CM Yogi, Will The Bulldozer Action Stop On Relatives, Letter Viral ANN


Action Is Being Taken On Rameshwar-Jugendra Yadav : समाजवादी पार्टी के सासंद राम गोपाल यादव के रिश्तेदारों के खिलाफ चल रहा योगी सरकार का बुलडोजर क्या रूक जाएगा.? यूपी के राजनैतिक गलियारों में इन दिनों इसी बात को लेकर चर्चा हो रही है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखी रामगोपाल की एक चिट्ठी भी सोशल मीडिया में खूब वायरल हो  रही है.

बीते सोमवार की रात को अखिलेश यादव के चाचा रामगोपाल यादव ने लखनऊ  में योगी से मुलाकात की थी. योगी से मिलकर उन्होंने अपने रिश्तेदारों रामेश्वर यादव और जुगेंद्र यादव पर हो रही कार्रवाई को रोकने की मांग की  है. अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ के रिश्ते तो जग जाहिर हैं. ऐसे में रामगोपाल के योगी से मदद मांगने पर कहीं अखिलेश नाराज तो नहीं हो गए हैं. इसको लेकर भी तरह तरह की बातें कही जा रही हैं.

रामगोपाल यादव समाजवादी पार्टी के मुख्य  राष्ट्रीय महासचिव हैं और राज्यसभा के सासंद भी. समाजवादी पार्टी के लोग उन्हें प्रोफेसर साहेब कहते हैं. पार्टी में उनकी हैसियत भतीजे अखिलेश यादव के बाद दूसरे नंबर की मानी जाती है. रामगोपाल के बेटे की शादी जुगेंद्र यादव की साली से हुई है. वे एटा में जिला पंचायत के अध्यक्ष रह चुके हैं. उनकी पत्नी रेखा यादव अभी इस पद पर हैं.

जुगेंद्र के बड़े भाई रामेश्वर यादव समाजवादी पार्टी के नेता हैं और एटा के अलीगंज से तीन बार विधायक रह चुके हैं. दोनों भाई पीठासीन विधानसभा चुनाव लड़े लेकिन हार गए. दोनों के खिलाफ कुल मिलाकर करीब डेढ़ सौ मुकदमे हैं. रामेश्वर जेल में हैं. जबकि जुगेंद्र और उनकी पत्नी रेखा फरार हैं. इस बीच गैंगस्टर एक्ट में उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई चल रही है. संपत्ति या तो जब्त हो रही है या फिर उसके ऊपर योगी सरकार का बुलडोजर चल रहा है. जब भी यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार रही. एटा और कासगंज जिलों में रामेश्वर और जुगेंद्र का ही राज चलता था. वे जो कहें, वही सही होता था. लेकिन  योगी सरकार में अब दोनों के खिलाफ लगातार एक्शन हो रहा है.

अपने रिश्तेदारों को बचाने के लिये समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने अब सीएम योगी आदित्यनाथ से मदद मांगी है. उन्होंने चिट्ठी में लिखा है “ रामेश्वर यादव, जुगेंद्र यादव और उनके परिवार पर लगे झूठे मुकदमों की CBI या फिर SIT से जांच कराई जाए और इस जांच के दौरान इनके खिलाफ पुलिस की कोई कार्रवाई न हो”.

समाजवादी पार्टी नेता रामगोपाल यादव ने इस बात की आशंका जताई है कि एटा पुलिस कहीं इन लोगों की हत्या न करवा दे. अब सवाल ये है कि रामगोपाल की चिट्ठी पर उनके रिश्तेदारों पर चल रहे एक्शन पर सीएम योगी क्या एक्शन लेते हैं ?

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