Cabinet Approves Project For Saturation Of 4G Mobile Services In Border Areas Ann


4G Mobile Services In Uncovered Villages: एलएसी (LAC) पर चीन (China) से चल रही तनातनी के बीच पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. पूर्वी लद्दाख सहित देश के सभी सीमावर्ती इलाकों में अब 4जी नेटवर्क (4G Network) मिलना शुरू हो जाएगा. बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की मीटिंग में इस बाबत अहम फैसला लिया गया.

कैबिनेट के फैसले के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को बताया कि मीटिंग में प्रधानमंत्री ने आदेश दिया है कि जिन गांव में 2जी नेटवर्क है वहां 4जी सर्विस मिलनी चाहिए. ये आदेश बॉर्डर एरिया के लिए भी दिया गया है. एबीपी न्यूज के इस सवाल पर कि क्या बॉर्डर एरिया में पूर्वी लद्दाख भी शामिल है तो अश्विनी वैष्णव ने हां कहते हुए कहा कि इसके लिए रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय और टेलीकम्युनिकेशन मंत्रालय मिलकर एक प्रपोजल तैयार करेंगे कि इसको किस तरह से क्रियान्वित किया जा सकता है.

लद्दाख के गांवो में किस नेटवर्क की हो रही है मांग?
आपको बता दें कि चीन सीमा से सटे पूर्वी लद्दाख के गांवों में नेटवर्क को लेकर वहां के स्थानीय प्रतिनिधि लगाकर आवाज उठा रहे हैं. वे 2जी के बजाए 4जी नेटवर्क की मांग कर रहे हैं. वहीं गलवान घाटी की हिंसा के दौरान चीन सीमा से सटे सभी इलाकों में मोबाइल सर्विस पूरी तरह बंद कर दी गई थी.

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अभी भी देश में 25 हजार (24,680) गांव ऐसे हैं जहां कोई कनेक्टिविटी नहीं है. ऐसे में इन गांवों के लिए कैबिनेट ने 26316 करोड़ के पैकेज की घोषणा की है. ये प्रोजेक्ट बीएसएनएल के हवाले होगा. ये गांव देश के दूरदराज इलाकों और बॉर्डर एरिया में हैं.

कैबिनेट मीटिंग में क्या फैसले लिए गए?
कम्युनिकेशन मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने वाले अश्विनी वैष्णव ने ये भी बताया कि आज की कैबिनेट मीटिंग में दो अहम फैसले भी लिए गए. पहला ये कि सरकारी टेलीकॉम कंपनी, बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) के रिवाइवल के लिए सरकार ने 1.64 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा की गई है . ये इसलिए किया गया है ताकि बीएसएनएल को एक उत्कृष्ट कंपनी में तब्दील किया जाए और सर्विस को बेहतर बनाया जा सके.

बीएसएनएल और बीबीएनएल का कब होगा मर्जर
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बीएसएनएल का बीबीएनएल यानी भारत ब्रॉडबैंड निगम के साथ मर्जर यानी विलय करने का फैसला भी लिया गया ताकि दोनों सर्विस प्रोवाइडर का करीब 14 लाख किलोमीटर लंबे ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का अधिकतम उपयोग किया जा सके. इससे पीएम का हर घर में ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी का सपना पूरा होगा. साथ ही पीएम ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से जो हर काम में सैचुरेशन-लेवल लाने का वादा किया था वो भी पूरा होगा.

टेलीकम्युनिकेशन मंत्री (Telecommunication) के मुताबिक, बीएसएनएल (BSNL) को 4जी स्पेक्ट्रम (4G Spectrum) भी दिया जा रहा है ताकि कंपनी का राजस्व भी बढ़ाया जा सके. वैष्णव ने बताया कि बीएसएनएल (BSNL) के लिए स्वदेशी 4जी टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की जा रही है. दुनियाभर में भारत के अलावा चार अन्य देश ही है जो इस तरह की टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने बताया कि सरकार बीएसएनएल को प्रीफर्ड मोबाइल नेटवर्क बनाना चाहती है. 



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