Big Announcement Of SKM Conduct Nationwide Campaign Start On 9th August Against Agneepath Scheme


SKM Protest Against Agnipath Scheme: संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) ने सैन्य भर्ती के लिए केंद्र सरकार की ‘अग्निपथ योजना’ (Agnipath Scheme) के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करेगा. ये अभियान पूर्व सैनिकों के संयुक्त मोर्चा और कई युवा संगठनों के सहयोग से शुरू किया जाएगा. स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव (Swaraj India president Yogendra Yadav) ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने (Yogendra Yadav)कहा, मुहिम के तहत पहला कदम उठाते हुए 7 अगस्त से 14 अगस्त तक ‘जय जवान जय किसान’ सम्मेलन आयोजित होगा.

योगेंद्र यादव ने कहा, इस अभियान का मकसद विवादास्पद ‘अग्निपथ योजना’ के विनाशकारी परिणामों के बारे में जनता को शिक्षित करना और केंद्र को लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और संवैधानिक साधनों का इस्तेमाल करके इसे वापस लेने के लिए मजबूर करना है. योगेंद्र यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस को संबोधित करते हुए कहा, अगर (3) कृषि कानून सख्त थे, तो ‘अग्निपथ योजना’ विनाशकारी है. संकट में हमारे किसानों और सैनिकों के साथ हमारे देश की रीढ़ की हड्डी टूटने का खतरा है. 

संयुक्त किसान मोर्चा का कार्यक्रम
स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा, इस अभियान के तहत कुछ प्रमुख कार्यक्रम रविवार को हरियाणा के जींद जिले, मथुरा (उत्तर प्रदेश) और कोलकाता में होंगे.
9 अगस्त को कार्यक्रम रेवाड़ी (हरियाणा) और मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) में होंगे. 10 अगस्त को इंदौर (मध्य प्रदेश) और मेरठ (उत्तर प्रदेश) में और 11 अगस्त को पटना में कार्यक्रम होंगे. योगेंद्र यादव ने कहा, ‘अग्निपथ योजना’ को वापस लिया जाना चाहिए और नियमित और स्थायी भर्ती की पुरानी व्यवस्था बहाल की जानी चाहिए.

क्या है ‘अग्निपथ योजना’ जानिए
‘अग्निपथ योजना’ (Agnipath Scheme) भारत सरकार (Government) की तरफ से 14 जून 2022 को सैनिकों की भर्ती के लिए शुरू की गई एक नई योजना (Agnipath Scheme) है. सशस्त्र बलों (Armed Forces) की तीन सेवाएं. सेना में भर्ती के लिए ‘अग्निपथ योजना’ ही एकमात्र रास्ता होगा. सभी भर्तियों (Recruitment) को केवल 4 साल की अवधि के लिए काम पर रखा जाएगा. इस सिस्टम के तहत भर्ती किए गए कर्मियों को अग्निवीर कहा जाता है, जो एक नया सैन्य रैंक होगा. ये योजना सितंबर 2022 से लागू होने वाली है.

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