Arvind Kejriwal In Gujarat Tell About Complicated GST Given 5 Guarantees To Gujarat Traders Ann


CM Kejriwal Story Of GST: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi CM arvind Kejriwal) मंगलवार को गुजरात (Gujarat) के राजकोट (Rajkot) में व्यापारियों के साथ टाउनहॉल मीटिंग (Townhall Meeting) की. इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित व्यापारियों ने सवाल पूछे और उनका अरविंद केजरीवाल ने जवाब दिया. उन्होंने कहा कि कौटिल्य ने अर्थशास्त्र (Economics) की किताब लिखी थी. उन्होंने अपनी किताब में एक अच्छी बात लिखी थी कि एक राजा को अपनी जनता से ऐसे टैक्स लेना चाहिए कि उसे पता भी न चले कि टैक्स ले लिया. जैसे एक मधुमक्खी अपने छत्ते से शहद निकालती है, उसे पता भी नहीं चलता है कि शहद निकल गया. केजरीवाल ने बताया कि जैसे मधुमक्खी अपने छत्ते से शहद निकालती है, उसी तरह से टैक्स (Tax) लिया जाना चाहिए.

जीएसटी प्रक्रिया सरल होनी चाहिए

केजरीवाल ने बताया कि जीएसटी (GST) बहुत ही जटिल है. मैं कई छोटे-छोटे व्यापारियों को जानता हूं, जिनका जीएसटी की वजह से धंधा बंद हो गया. क्योंकि वो जीएसटी नहीं भर पा रहे हैं. ऐसे टैक्स का क्या फायदा, जो व्यापार ही बंद कर दे. हमें पूरे देश के अंदर ऐसे टैक्स सिस्टम की जरूरत है, जो आसानी के साथ लोग भर सकें. टैक्स तो बाद में आता है, पहले अर्थव्यवस्था तो चले, व्यापार और इंडस्ट्री तो चले. लोगों को रोजगार तो मिले. उद्योग और दुकानें ही नहीं चलेंगे और कहेंगे कि पहले टैक्स दो, तो आदमी टैक्स कहां से देगा.

पूरे देश के अंदर एक जैसी चीजों पर एक जैसा टैक्स, यह भी सही नहीं है. हमारे देश के अंदर गुजरात की अर्थव्यवस्था अलग है, दूसरे राज्य में अलग है. मैं व्यक्तिगत तौर पर इस पूरे सिस्टम के पक्ष में नहीं हूं. यह पूरा सिस्टम बहुत जटिल है और इसको साधारण करने की जरूरत है, ताकि व्यापारी और उद्योगपति आराम से टैक्स दे सकें.

अब हवा पर टैक्स लगना बाकी है

केजरीवाल ने दिल्ली का ज़िक्र करते हुये कहा कि देश के अंदर एक माहौल बना दिया गया है कि व्यापारी चोर है. ऐसा माहौल बनाते हैं कि व्यापारी और उद्योगपति टैक्स नहीं देना चाहता है. 99 फीसद लोग ईमानदारी से टैक्स देना चाहते हैं और ईमानदारी से अपना धंधा करना चाहते हैं. लेकिन उनको देने का मौका नहीं दिया जाता है. ऐसा जटिल बना जाता है और फिर ले-दे कर सेटल करना पड़ता है.व्यापारियों के उपर भरोसा करना सीखो. अभी थोड़े दिन पहले इन्होंने दही, छाछ, लस्सी, आटे, गेहूं और चालव पर जीएसटी लगा दिया. अब हवा के उपर जीएसटी लगाना और बाकी है.

केजरीवाल ने दी पांच गारंटी

इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने गुजरात के व्यापारियों और उद्योगपतियों को पांच गारंटी देते हुए कहा कि अगर आम आदमी पार्टी की सरकार बनी, तो हम पहली गारंटी देते हैं कि गुजरात में डर का माहौल खत्म करेंगे ताकि निडरता और शांति के साथ आप अपना-अपना व्यापार करें, फलें-फूलें. आप फलेंगे-फूलेंगे, तो गुजरात और देश की तरक्की होगी.

दूसरी गारंटी- हर व्यापारी को इज्जत देंगे. हर व्यापारी और उद्योगपति सबसे ज्यादा इज्जत का भूखा होता है. पैसे तो कमा लिए, लेकिन जब वो किसी सरकारी दफ्तर में जाता है और दुत्कारा जाता है, तो उसे बहुत बुरा लगता है. जब कोई किसी राजनेता से मिलने जाता है और वो उसको दुत्कारता है, तो बड़ा बुरा लगता है. गुजरात में व्यापारियों की इज्जत होगी.

तीसरा- भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देंगे. यह केवल आम आदमी पार्टी ही कर सकती है, इस देश में और कोई नहीं कर सकता है. भ्रष्टाचार से मुक्ति केवल हम दे सकते हैं, क्योंकि हम कट्टर ईमानदार लोग हैं और यही इनको चुभ रहा है. आजकल ये लोग हम पर खूब कीचड़ फेंक रहे हैं, लेकिन हम पर कीचड़ चिपक नहीं रहा है. देश की जनता को पता है कि आम आदमी पार्टी वाले कट्टर ईमानदार हैं.

चौथी गारंटी देते हुए कहा कि वैट और जीएसटी के बहुत रिफंड लंबित पड़े हुए हैं.छह महीने के अंदर यह सारे रिफंड देंगे. साथ ही, व्यापारियों के साथ बैठकर जीएसटी के पूरी प्रक्रिया पर केंद्र सरकार से बात कर उसको आसान करने की कोशिश करेंगे और अपने स्तर पर जो भी कर सकते हैं, वो भी करेंगे. जीएसटी के पूरे प्रशासन को लोकहित में बनाएंगे. 

पांचवी गांरटी- हम व्यापारियों को गुजरात के अंदर सरकार का पार्टनर बनाएंगे. सरकार के स्तर पर एक ऐसी बॉडी बना देंगे, जिसमें हर सेक्टर से कोई न कोई प्रतिनिधि होगा, आपकी जो समस्याएं होंगी, उन समस्याओं का आप समाधान बताओ और सरकार उसको लागू करेगी.

जहरीली शराब से हुई मौत की जांच हो

वहीं, मीडिया से बातचीत करते हुए अरविंद केजरीवाल ने गुजरात में जहरीली शराब से हुई कई लोगों की मौत पर कहा कि यह तो बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण बात है. गुजरात में शराबबंदी है. शराब की बिक्री की अनुमति नहीं है. लोग जानते हैं कि प्रतिबंध के बावजूद यहां पर अवैध शराब कितनी ज्यादा बिकती है. यह कौन लोग हैं, जो अवैध शराब बेचते हैं? जाहिर तौर पर अवैध शराब बेचने वालों को राजनैतिक संरक्षण है. इस अवैध शराब बिक्री का सारा पैसा कहां जाता है. इसके माई-बाप कौन लोग हैं? इसकी तो जांच होनी चाहिए.

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